बच्चे और महिलाएं गलियों में निकलने के लिए जानवरों के हटने का घंटों करतीं हैं इंतजार।
पशुपालकों की खुलेआम दबंगई दूध निकालने के बाद पूरे दिन के लिए गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं आवारा।
भवन स्वामी सहित सफाई कर्मचारी गायों द्वारा सड़कों पर फैलाई गई गंदगी से परेशान।
चट्टा संचालकों द्वारा प्लाटों पर एकत्र किया जाता है गोबर जिससे निकलने वाली दुर्गन्ध से फैल रही बीमारियां।
शहर के बीचोंबीच बस्ती के अंदर चट्टा चलाने वालों के खिलाफ प्रशासन आखिर क्यों नहीं कर रहा कार्यवाही।
