आजमगढ़ फूलपुर स्थानीय तहसील के शेखवलिया मटियार में रामलीला मैदान, खेल मैदान और अन्नपूर्णा भवन की जमीन से अवैध कब्जा न हटाये जाने का आरोप प्रधान ने लगाया है। प्रधान द्वारा दर्जनों बार जिलाधिकारी, तहसील समाधान दिवस और थाना दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद तहसील प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा नही हटावाया गया। जिसके कारण एक वर्ष से अन्नपूर्णा भवन के लिए प्रस्तावित जमीन पर अन्नपूर्णा भवन निर्माण अधर में लटका हुआ है।
फूलपुर तहसील के शेखवलिया मटियार में गाटा संख्या 123, 419 और 421 की जमीन रामलीला मैदान, खेल मैदान और अन्नपूर्णा भवन के नाम से आवंटित है। शेखवलिया प्रधान राम सहाय चौहान का आरोप है कि दर्जनों बार तहसील दिवस और थाना दिवस पर जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। लेकिन उसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटवाया गया। प्रधान राम सहाय का कहना हैं कि जिलाधिकारी को भी बीते 14 अप्रैल को सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। डीएम के आदेश के बावजूद राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल द्वारा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटवाया गया।
उन्होंने बताया कि अन्नपूर्णा भवन के लिए प्रस्तावित जमीन से अवैध कब्जा न हटवाए जाने के कारण एक साल से अन्नपूर्णा भवन निर्माण अधर में लटका हुआ है। इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि नायब तहसीलदार को निर्देशित किया गया था। लेखपाल राजस्व निरीक्षक की टीम बना कर सीमांकन कर अवैध रूप से सरकारी भूमि को कब्जे मुक्त कराया जाय। आज मतदाता पुनरीक्षण सूची के सत्यापन के लिए बीएलओ बूथों पर उपस्थित हैं। उसी के निरीक्षण में हूं, नायब तहसीलदार की क्या रिपोर्ट है क्यों मुक्त नहीं हुआ, इसकी जानकारी कर अतिक्रमण मुक्त नहीं हुई भूमि तो हर हाल में सरकारी भूमि मुक्त कराई जाएगी।









