थाने से 500 मीटर दूर ‘नशे का हाइवे’! स्कूल के सामने शराब की दुकान, NH-28 पर माफियाओं का खुला कब्ज़ा
नगर पंचायत के सरकारी भूमि पर चल रहा अबैध मयख़ाना व मॉडलशाप
सहजनवा (गोरखपुर)
गोरखपुर जिले के सहजनवा थाना चौराहे से महज़ 500 मीटर की दूरी पर देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानों का धड़ल्ले से संचालन न सिर्फ़ कानून को खुली चुनौती दे रहा है, बल्कि सामाजिक मर्यादाओं को भी तार-तार कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि मुरारी इंटर कॉलेज जैसे शिक्षा मंदिर के ठीक सामने देशी शराब की दुकान संचालित की जा रही है, जहाँ रोज़ाना छात्र-छात्राओं की आवाजाही होती है।

मामला यहीं खत्म नहीं होता। सहजनवा नेशनल हाईवे-28 (NH-28) की एक पूरी लेन पर शराब माफियाओं ने मानो स्थायी कब्ज़ा जमा लिया है। शराब की दुकानों के साथ-साथ ‘चखने की दुकान’ (अवैध मांस/चिकन बिक्री) भी खुलेआम चल रही है। सूत्रों के अनुसार, यह भूमि बन विभाग की संरक्षित श्रेणी में आती है, जिस पर दबंगई के बल पर शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।

हाईवे की एक लेन पर शराब पीने वालों और खड़ी गाड़ियों का अंबार लगा रहता है। इससे राहगीरों और वाहनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराबियों की भीड़ के चलते रोज़ाना गंभीर सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। कई बार लोग फिसलकर या गिरकर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार महकमे आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों का सीधा सवाल है—नगर पंचायत सहजनवा की सरकारी भूमि और बन विभाग की संरक्षित जमीन पर चल रही इन देशी-अंग्रेजी शराब की दुकानों और अवैध गतिविधियों का जिम्मेदार आखिर कौन है?
यदि नियमों की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भले ही सरकार ने कुछ शर्तों के साथ नेशनल व स्टेट हाईवे के पास शराब दुकानों को खोलने की अनुमति दी हो, लेकिन शर्त साफ है—मुख्य सड़क से 100 से 200 मीटर की तय दूरी और मानकों का पालन। सहजनवा में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहां मानकों को ताक पर रखकर, पूरी तरह अवैध तरीके से शराब का कारोबार चलाया जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ‘नशे के हाइवे’ पर लगाम कसेंगे, या फिर इसी तरह शराब माफियाओं का हौसला बुलंद रहता रहेगा और कानून केवल काग़ज़ों तक सिमट कर रह जाएगा?सहजनवा की जनता जवाब का इंतज़ार कर रही है।वही इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी सहजनवां केशरी नन्दन तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जाँच कराकर जल्द कार्यवाही किया जायेगा।
जिला ब्यूरो चीफ सुनील कुमार गोरखपुर









