औरैया
17 अक्टूबर 2023 – श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रदीप कुमार ने अवगत कराया है कि श्रमिकों हेतु निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यंगता सहायता योजना व गंभीर बीमारी सहायता योजना से भी सरकार द्वारा पात्र श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कामगार दिव्यांगता मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के फलस्वरुप मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि में रुपये 25 हजार का भुगतान आवेदक को एक मुक्त किया जाएगा तथा हितलाभ धनराशि 5 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि के आधार पर अग्रणी ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किस्त रुपए 9395/-, जो 5 वर्ष तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वत: स्थानांतरित की जाएगी जोकि ब्याज दर के अनुसार घट बढ़ सकती है। पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि में रुपए 25 हजार का भुगतान आवेदक को एक मुक्त किया जाएगा तथा हित लाभ धनराशि 2 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किस्त लगभग रुपए 8736/- जो 2 वर्ष तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वत: स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट बढ़ सकती है। इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना बीमारी के फलस्वरूप दिव्यांगता की स्थिति में वे सभी श्रमिक पात्र होंगे जो पंजीकृत एवं अद्यतन रूप से नवीनीकृत है। हत्या, सर्पदंश, बिजली गिरने, प्रसव के कारण होने वाली मृत्यु एवं अन्य दैवीय आपदा की स्थिति में हुई मृत्यु को सामान्य मृत्यु मानते हुए तथा तदनुसार हित लाभ अनुमन्य होगा। इस योजना के आवेदन हेतु आवेदक को ऑनलाइन जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति, आवेदक के आधार लिंक बैंक खाते के पासबुक, आधार कार्ड की छाया प्रति। प्राथमिक सूचना रिपोर्ट पंचनामा तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना के पास रूप मृत्यु तथा पंजीकृत श्रमिक की कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना में मृत्यु की दशा में आदि दस्तावेजों को प्रस्तुत करना होगा।
गंभीर बीमारी सहायता योजना की जानकारी देते हुए प्रदीप कुमार ने बताया है कि सरकारी स्वायत्तशासी चिकित्सालयों अथवा इम्पैनल्ड चिकित्सालयों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना में देय हित लाभ के समतुल्य राशि पूर्ण प्रतिपूर्ति होगी। चिकित्सा शल्यक्रिया क्रिया में चिकित्सालय द्वारा इलाज का एस्टीमेट दिए जाने पर चिकित्सालय को अग्रिम राशि का भी भुगतान किया जा सकता है। ऐसे श्रमिक जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में हित लाभ हेतु पात्र नहीं है। योजना में पंजीकृत श्रमिक तथा उसकी पति-पत्नी अविवाहित पुत्रियां एवं 21 वर्ष से कम आयु के पुत्र सम्मिलित है। इस योजना के आवेदन हेतु आवेदक को बीमारी से संबंधित अभिलेख, नियत प्रारूप पर चिकित्सक का प्रमाण पत्र, दवाइयों के क्रय पर मूल बिल, अविवाहित पुत्री या 21 वर्ष से कम आयु का पुत्र होने पर आश्रित होने का प्रमाण पत्र आदि अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
