औरैया में व्यवसायी के घर व प्रतिष्ठानों पर एनआईए ने रेड मारी
डिब्बी
18 घण्टे की छानबीन
क्रासर……..
अवैध हथियारों की तस्करी व नक्सलपंथियों को आपूर्ति की चर्चायें, बिहार में पकड़े जा चुके है कारतूसो समेत व्यवसायी के दो कर्मचारी
औरैया 4 दिसम्बर। आज की सुबह शहर जनपद वासियों के लिए सनसनीखेज रही। सुबह उठते ही लोगों को पता चला है कि शहर के एक जाने-माने व्यवसाई के आवास व प्रतिष्ठानों पर एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की कई टीमों ने छापा मारा है। बताया जाता है कि एन आई की टीमों ने इसी व्यवसाई के यहां कार्यरत रहे दो युवकों की बिहार प्रांत प्रतिबंधित हथियारों के कारतूसों की भारी संख्या में बरामदगी के साथ गिरफ्तारी के बाद मिले सुरागो व गहन छानबीन के बाद की है।पुलिस की बाहरी घेराबंदी के बीच एन आई ए की टीम करीब 18 घंटे तक व्यवसाई कमल वर्मा के पैट्रोल पम्प व अन्य प्रतिष्ठानों पर सघन छान बीन करती रही।
मिली जानकारी के अनुसार बीती बुधवार/ गुरुवार की रात करीब एक बजे व्यवसाई कमल वर्मा के रुहाई मुहाल स्थित आवास,सदर बाजार में स्थित नैना इलैक्ट्रोनिक्स व सर्राफा के प्रतिष्ठान व शहर के अंदर इटावा रोड स्थित श्री जी पैट्रोल पम्प व चिरहूली हाईवे और अजीतमल के पैट्रोल पम्पों पर अचानक भारी पुलिस बल की घेराबंदी कराके छापा मारा। रात से लेकर आज गुरुवार की की शाम करीब 6 बजे तक एन आई ए टीम कमल वर्मा के शहर अंदर स्थित पैट्रोल पम्प पर छानबीन करती रही। छानबीन के दौरान पुलिस ने सभी कागजात व डिजिटल खातों आदि की सघन छानबीन की। छापे के दौरान टीम को चूंकि कमल वर्मा नहीं मिला तो टीम उसके पुत्र परिवार के लोगों व कर्मचारियों से पूछताछ करती रही। जांच टीम ने पम्प पर खड़ी कारों की सघन छान बीन की। कारो के बोनट तक खोल कर देखें। चेचिस व माइलोमीटर आदि की भी जांच की।
जांच के दौरान रुपए गिनने वाली मशीनें भी मंगाई। हांलांकि कोई आधिकारिक जानकारी तो नहीं दी गई काफी नगदी व असलाह आदि बरामद होने की खबर है।
इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले महीने बिहार प्रांत में औरैया का ही एक युवक शत्रुघ्न शर्मा 3700 प्रतिबंधित कारतूसों के साथ व औरैया का ही दूसरा युवक रविश कुमार 4500 कारतूसों के साथ पकड़ा गया था। यह दोनों उक्त कमल कान्त वर्मा के ही यहां काम करते थे। इनके खिलाफ बेगूसराय बिहार के थाना लोहिया नगर में अपराध संख्या 95/25 दर्ज है। इन्हीं से सघन पूंछताछ के बाद यह कार्रवाई बताई जा रही है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कमल वर्मा और उसके पिता दिवंगत महेश वर्मा करीब ढाई दशक पूर्व हुए पुरुलिया कांड की जांच के दायरे में आये थे। जिसमें इसके पिता महेश वर्मा ने औरैया एसपी के कैम्प कार्यालय के बहार सल्फास खाकर जान दे दी थी।
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इनसेट………………..1
पूरे शहर में दिन भर रही सनसनी,पुलिस से घिरे रहे प्रतिष्ठान
औरैया 4 दिसम्बर। आज सुबह जैसे ही शहरवासियों की आंख खुली वैसे ही एक व्यापारी के घर एवं कई प्रतिष्ठानों पर एनआईए की रेड की खबर ने उन्हे चौंकाकर रख दिया। पहले तो आतंकवाद रोधी नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेन्सी जैसी इकाई द्वारा छापेमारी की खबर से हड़कंप मच गया तो वहीं करीब 18 घण्टे तक चली छापेमारी की कार्यवाही धीरे-धीरे कौतूहल में बदल गई। छापेमारी वाले सभी स्थानों पर लोगों का मजमा लगा रहा और हर काई इस कार्यवाही के बारे में जानने के लिये उत्सुक दिखाई दिया। वहीं चर्चाओं का बाजार भी पूरी तरह से गरम दिखाई दिया। किसी को अस्लाहों का जखीरा तो किसी को नोटो का भण्डार मिलने की सम्भावना चर्चाओं में दिखाई दी। वहीं कुछ लोग इसे नक्सलवाद, हथियारों की तस्करी और यहां तक की दिल्ली में लाल किला बम ब्लास्ट से भी जोड़ते नजर आये। फिलहाल एनआईए के सभी टीमें इस लम्बी छापेमारी के बाद अपने गंतव्य को लौट गई है। अब आगे क्या निकलता है यह भविष्य के गर्त में है।
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इनसेट…………………2
करीब 18 घण्टे प्रतिष्ठानों पर चलती रही गहन छानबीन
औरैया 4 दिसम्बर। एनआईए की अलग अलग 15 टीमों ने शहर, जिले व कानपुर देहात के दो स्थानों पर बुधवार की देर रात करीब 1 बजे के बाद से ही एक ही समय पर रेड शुरू कर दी। सबकुछ इतना सुनियोजित और अचानक हुआ कि सम्भलना तो छोड़ों कुछ समझने का भी मौका नहीं मिला। औरैया शहर में व्यापार कमलकांत वर्मा के रूहाई मुहाल स्थित आवास, सदर बाजार स्थित ज्वैलर्स की एक दुकान, सरकारी अस्पताल के सामने स्थित नायरा पेट्रॉल पम्प, चिरहूली व अजीतमल स्थित पम्पों के अलावा अन्य पम्पों पर रेड डाली। सबसे पहले टीम ने मौके पर मिले सभी लोगों को हिरासत में लिया और आवागमन पूरी तरह से बंद किया। कमलकांत के न मिलने पर टीम ने उनके पुत्र देव को लगातार हिरासत में रखा और पूछताछ करती रही। जिसके बाद मौके पर कुछ देर बाद तक आने वाले लोगों और आस-पास के निवासियो व दुकानदारों से पूछताछ की। इसके बाद टीम के अधिकारियों ने सभी जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरें, दस्तावेज खंगालने शुरू किये। जांच पड़ताल इतनी बारीक थी कि उन्होने बैंक अकाउण्ट, गाडियों, पेट्रॉल मशीन और बिजली के मीटरों तक की पड़ताल की। वहीं उन्होने सभी व्यापारिक अभिलेख, रजिस्टर बिल आदि भी देखे। उन्होने गाड़ियो के चेचिस नम्बर और उसमें लगे ब्लोअर की गैस भी जांची। नगदी मिलने पर उन्होने नोट गिनने वाली मशीन मंगाई और नोट गिने। सूत्रों की माने तो टीम ने छापेमारी के दौरान कुछ बैंक पासबुक व चैकबुक, दस्तावेज, मोबाइल व सीसीटीवी फुटेज की डीवीडी भी जब्त की है। वहीं एक सील की हुई वस्तु भी जब्त की है जो देखने में किसी हथियार के जैसी लग रही थी।
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इनसेट…………….3
अस्लाह तस्करी से पुराना नाता रहा है वर्मा के परिवार का*
क्रासर………
पुरूलिया हथियार काण्ड की जांच की दायरे में आये थे पिता महेश वर्मा, एस पी के सामने कर ली थी आत्महत्या
औरैया 4 दिसम्बर।कमलकांत व उनका परिवार जिले ही नहीं बल्कि आस पास के एक बड़े क्षेत्र में उस समय से चर्चित है जब उनके पिता ने एसपी के सामने ही सल्फास खाकर जान दे दी थी। यह पूरा मामला बंगाल के पुरूलिया जिले की हिंसा से जुड़ा हुआ है। दरअसल बंगाल के पुरूलिया जिले में तनाव चरन पर था जहां आनंदमार्ग पंथ कम्युनिस्ट विरोधी विद्रोह छिड़ा हुआ था और वहां का प्रशासन व पुलिस इसे राकने की कबायद में जुटा था। कमलकांत के पिता महेश वर्मा पर सुरक्षा एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि 17 दिसम्बर 1995 को उन्होने आनंदमार्ग पथ के दंगाईयों को बड़ी संख्या में एके47 राइफलें और गोला बारूद सप्लाई किये। यह काम जब जमीन से नहीं हुआ तो प्लेन से हथियार गिराकर उन लोंगों तक पहुंचाये गये। सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर आने के बाद वह लोग महेश वर्मा के पास आये और जांच पड़ताल शुरू की। बताया जाता है कि इसी बीच महेश वर्मा तत्कालीन एसपी संजय सिंघल से मिलने गये तो एसपी ने उनसे जांच में सहयोग करने की बात की। इसी बीच महेश वर्मा ने पुलिस अधीक्षक आवास परिसर मे ही सल्फास खा ली। हालत बिगड़ने पर उन्हे अस्पताल पहुंचाया गया और यहां उन्होने डाइंग डिक्लेयरेशन यानी की मरने से पहले दिये गये बयान नायाब तहसीलदार को दिये जिससे कुछ देर बाद उनकी मृत्यू हो गई। बताया यह भी जाता है कि बाद भी नायाब तहसीलदार को दिये गये बयान वाले कागज भी चोरी हो गये थे।
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काफी फैला हुआ है कमलकांत वर्मा का व्यवसाय, कई पेट्रॉल पम्प
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औरैया 4 दिसम्बर। महेश वर्मा की मृत्यू के बाद उनके तीनों पुत्र कमलकांत, शशिकांत व रविकांत औरैया में ही आवास बनाकर रहने लगे और अलग-अलग व्यापार शुरू कर दिये। इनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बां करें तो औरैया में इनके नैना इलैक्ट्रॉनिक्स, नैना ज्वैलर्स, नायरा पेट्रॉल पम्प, श्रीजी फिलिंग स्टेशन, श्रीजी फ्यूल स्टेशन चिरहूली व श्रीजी एनर्जी स्टेशन अजीतमल के अलावा प्रोपर्टी डीलिंग का बड़ा काम है। इसके अलावा कानपुर देहात व अन्य जनपदों में इनके कई पम्प व कई अन्य प्रतिष्ठान है। काफी समय पहले तक प्राइवेट बसों के संचालन व एक गन हाउस का काम भी परिवार में था। विवादों से लगातार लगभग पूरे ही परिवार का नाता बना रहा। कभी जांच एजंेसियों की रेड में हथियारों का जखीरा पकड़ा गया तो कभी बड़ी मात्रा में धन। कुछ साल पहले ही वर्मा परिवार के एक भाई के खाली पड़े बाड़े में उनके ही एक नाबालिग नौकर की लाश अटैची में बंद मिली थी। अवैध अस्लाह रखने और उनकी खरीद फरोख्त के विवादों से इनके परिवार का पुराना नाता रहा है।
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इनसेट………….5
करीबियो के पकड़े जाने से आये जांच एजेंसियों के राडार पर
औरैया 4 दिसम्बर। आज शहर में नैना एवं श्रीजी ग्रुप के प्रतिष्ठानों पर जो छापेमारी हुई उस से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। दरअसल इसी वर्ष के जून महीने में बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में बिहार एसटीएफ और थाना पुलिस में एक सफेद रंग की ब्रेजा कार के सीक्रेट बॉक्स से करीब 3700 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। जिनमें से 2750 कारतूस 8 एम एम के थे और 750 कारतूस 15 बोर के थे। इनमें से एक आरोपी अभिजीत बिहार के नालंदा का था जबकि दूसरा आरोपी औरैया का शत्रुघ्न शर्मा था जो की कमलकांत वर्मा का ही करीबी और कर्मचारी था। पूछताछ के दौरान शत्रुघ्न ने बताया था कि वह लोग बिहार विधान सभा चुनाव से पहले नालंदा और पटना में कारतूस बेचने जा रहे थे। यह कारतूस उन्हें किसी अंकल जी ने दिए थे, और वह कानपुर से कारतूस लेकर बिहार के लिए निकले थे। सूत्रों की माने तो कुछ दिन बाद ही कमलकांत का एक और करीबी रवीश कुमार भी बड़ी मात्रा में कारतूसों समेत पकड़ा गया। माना जा रहा है बस यही से जांच एजेंसियों के निशाने पर कमलकांत वर्मा व उनका परिवार आ गया।
जिला ब्यूरो चीफ औरैया मोहम्मद शकील









