सुधीर सिंह राजपूत औरैया ब्यूरो चीफ:
।भारत क्रिकेट में बहुत कमी ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो स्कूल क्रिकेट की शुरुआत कर इंटरनेशनल केवल पर भी साथ खेले हो लेकिन पूर्व क्रिकेटर विनोद कव्वाली और महानसचिन तेंदुलकर की जोड़ी के साथ ऐसा हुआ है इन दोनों ही खिलाड़ियों ने शुरुआती समय में अपने खेल से खूब कमाल धमाल मचाया और एहसास कर दिया कि एक दिन वह भारत के लिए खेलेंगे
। आखिर में ऐसा ही हुआ सचिन ने जहां साल 1989 में इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना रिव्यू किया था कव्वाली ने 1991 में भारत के लिए अपनी शुरुआत की लेकिन इसमें पहले ही कव्वाली और सचिन स्टार बन चुके थे
। बजे यह थी हैरिश शील्डट्रॉफी में उन दोनों के बीच हुई 664 रनों की विशाल साझेदारी आज ठीक 33 साल पहले इन दोनों खिलाड़ियों के इतिहास रचा था खास इस मौके को यादगार सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर लिखा कि पल मेरे काफी खास है था यही वह परी थी जिसे लोग हमारे बारे में जानने लगे थे
साल 1988 में इन दोनों जोड़ीदार ने तब 664 रन की पारी खेली थी
वहीं सचिन की बात करें तोइंटरनेशनल लेवल में 664 रनों की पारी खेलकर ताकत तोड़ बल्लेबाजी करते हुए एक नया इतिहास रचा था जो कि अभी तक वनडे वी टेस्ट में नहीं रचा गया है
