आस्ताना आलिया समदिया मिस्बाहिया में अक़ीदत के साथ हुई ख्वाजा बंदा नवाज़ की सालाना फातिहा,रोजा इफ्तार का एहतिमाम
असर की नमाज के बाद हुई फातिहा, अमन चैन और मुल्क की तरक्की की मांगी गई दुआएँ
फफूँद,औरैया। फफूँद की सुप्रसिद्ध आस्ताना आलिया समदिया मिस्बाहिया में ग्यारह रमज़ान को हज़रत ख्वाजा बंदा नवाज़ सैयद शाह मिस्बाहुल हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की सालाना फातिहा अक़ीदत और सादगी के साथ अदा की गई। असर की नमाज़ के बाद आयोजित फातिहा में नगर व क्षेत्र सहित बाहर से आए सैकड़ों अकीदतमंदों ने शिरकत कर अमन चैन और मुल्क की तरक्की की दुआएँ मांगीं। आस्ताना आलिया पर रोजा इफ्तार का भी एहतिमाम किया गया।उर्स की शुरुआत खानकाह के सज्जादा नशीन सैयद अख़्तर मियां चिश्ती की सरपरस्ती में कुरआनख्वानी से हुई। इसके बाद फातिहा पढ़ी गई और देश की सलामती व भाईचारे के लिए विशेष दुआएँ की गईं। सुबह से ही दरगाह परिसर में साफ-सफाई और इंतजामात किए गए थे। फातिहा के बाद रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों ने शिरकत की। मगरिब की नमाज़ के बाद जायरीनों को चिश्ती लंगर भी वितरित किया गया। बाद नमाज़ इशा महफिल ए सिमा और कुल की फातिहा के साथ सालाना उर्स का समापन हो गया।
ब्यूरो रिपोर्ट औरैया मोहम्मद शकील